रविवार, 27 सितंबर 2009

तो क्या हुआ ......... ...



.....

वो दिलनशीं
वो नाज़नीं
जो न मिली
तो क्या हुआ .........

रूठी रही
मुझसे अगर
किस्मत मेरी
तो क्या हुआ .........

वो जिंदगी की डोर सी
वो चांदनी चितचोर सी
उसकी अदा
कातिल अदा
हम मर मिटे
तो क्या हुआ .........

जब तक वो मेरे
साथ थी
वो ही मेरी दिन
रात थी
जो वो गयी और खो गयी
खुशिया मेरी
तो क्या हुआ ...........

हम प्यार के
काबिल नहीं
गर वो हमें
हासिल नहीं
अपनी तो कोशिश
थी मगर
वो न मिली
तो क्या हुआ .......

जब तक नहीं थी
साथ वो
आती बहुत थी
याद वो
अब फिर वो मुझसे
दूर है
मेरे खुदा
ये क्या हुआ ??????


~~rishu~~

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