शुक्रवार, 25 सितंबर 2009

Dosti...........



दोस्ती के मायने कुछ इस तरह बदले मिले
दोस्तों को छोड़ कर बाकी सब अपने मिले
शायद धोका खा गया था
दोस्त की पहचान में
दोस्त कह कर उड़ रहा था
उनके संग आसमान में
दोस्ती के ख्वाब में कुछ इस तरह से खो गया था
और सबको भूल कर बस दोस्तों का हो गया था
आज जब उतरा ज़मी पर टूटे सब सपने मिले
दोस्त कहता था जिन्हें वो सब के सब बदले मिले .


~~rishu~~

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