शुक्रवार, 27 नवंबर 2009

ज़िन्दगी...जी................

मिली थी रास्ते पर वो अकेली जिंदगी,
नाम पूछा तो बताया जिंदगी,
उसको देखा तो अँधेरा रौशनी से भर गया,
बूँद का कतरा भी यूं समझो समुन्दर बन गया,
जिंदगी ने जिंदगी को हर तरह से रंग दीया,
और कुछ लम्हों में फिर मुझको अकेला कर दीया,
उस जिंदगी की याद में मैं इससे ज्यादा क्या लिखूँ,
जिंदगी ने छीन डाला जिंदगी भर का सुकूँ .............!!!!!!!!!!


~~rishu~~

1 टिप्पणी: