मंगलवार, 26 जनवरी 2010

For child youth of india..on Republic Day......

फिर से एक गणतंत्र दिवस,
फिर से वो तिरंगा फहराना,
और उसी तिरंगे के आगे......फिर से जन गण मन गाना
क्या इतना करना काफी है ???

क्या भूल गए अपना भारत,
जो अब भी भूका नंगा है
और तिरंगा जात पात के ....बदरंगो से रंगा है,

आखिर कब तक, कब तक आखिर
ये जंग हमें लड़नी होगी,
अपनी ही किस्मत की रेखा
अपने हाथो गढ़नी होगी....
गर हम सब हिन्दुस्तानी हैं ..... फिर इतना भेद भाव क्यूँ है ?
हर एक अमर के चेहरे पर......अकबर के लिए ये ताव क्यों है ?
ये हिन्दू है.....वो मुस्लिम है......वो गुरद्वारे में जाता है ;
इन बातो का क्या मतलब है,ये कौन हमें सिखलाता है ?

क्या मंदिर मस्जिद गुरद्वारा क्या गिरजाघर की बात करें,
ये बर्बादी की बाते हैं जो अपने पुरखे करते थे !

लेकिन तुम सब तो बच्चे हो ,
और बच्चे प्यार जानते हैं ;
उनको तकरार नहीं आती ,
वो तो सम्मान जानते हैं ;
उनको अल्लाह से क्या मतलब ,
उनको भगवान् से क्या लेना
वो तो इन सब का मतलब भी..........केवल खिलवाड़ जानते हैं!

इसलिए ऐ भारत के गौरव ,
मुझको बस इतना कहना है...
हम सारे हिन्दुस्तानी हैं ,
हम सब को मिलकर रहना है ,

और आगे बढ़ते रहना है...बस......आगे बढ़ते रहना है!

~~rishu~~

रविवार, 24 जनवरी 2010

Ek Muktak......



इस दीवानेपन में हमने धरती अम्बर छोड़ दिया,
उनकी पग रज की चाहत में घर आँगन छोड़ दिया,
कुछ कुछ जैसे मीरा ने त्यागा अपना धन वैभव,
कान्हा की खातिर ज्यूँ राधा ने वृन्दावन छोड़ दिया !!

~~rishu~~

शुक्रवार, 1 जनवरी 2010

नए साल पर..........

तमन्ना है की भूल जाऊं वो गुजरा साल पूरा
वो धमाकों में गुजरी शाम और बवाल पूरा
वो दिन जो खौफ के पहरे में उगा करते थे
और रात सर्द सन्नाटे में बीत जाती थी
अमन के नाम पर होती थी रोज जंग नयी
इंसानियत भी हैवानों के गीत गाती थी
ये “नया साल ” वो सारे गम भुला सके न सके
अपनी खुशियों से दिल के दर्द मिटा सकता है
भले न दे ये मुझको मेरी मंजिल बेशक……..मगर मंजिल का रास्ता तो दिखा सकता है …..
मुझको उस राह का राही तो बना सकता है !!
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Wishing You All A Very Happy New Year.
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~~rishu~~