रविवार, 24 जनवरी 2010

Ek Muktak......



इस दीवानेपन में हमने धरती अम्बर छोड़ दिया,
उनकी पग रज की चाहत में घर आँगन छोड़ दिया,
कुछ कुछ जैसे मीरा ने त्यागा अपना धन वैभव,
कान्हा की खातिर ज्यूँ राधा ने वृन्दावन छोड़ दिया !!

~~rishu~~

1 टिप्पणी: