रविवार, 22 जुलाई 2012

आज फिर.....


आज फिर तू पास नहीं है
तेरे होने का अहसास नहीं है
बहुत मुश्किल है यूं तो भूलना तुझको
फिर भी कहता हूँ की तू याद नहीं है

कभी गुजरी थी जो रातें
तेरे पहलू में सर रख कर
अब इन रातों में उन रातों में अंतर खास नहीं है
तू तब भी ख्वाब थी मेरा
तू अब भी एक तसव्वुर है
मगर पहले से अब तेरे मेरे ज़ज्बात नहीं हैं

~~rishu~~